खाद्य गाइड
Green Papaya
हरा (कच्चा) पपीता एशियाई व्यंजनों में, खासकर सूप में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। इसे लगभग 6 महीने की उम्र से दिया जा सकता है। पके पपीते के विपरीत, हरे पपीते का स्वाद तटस्थ होता है और इसकी बनावट दृढ़ होती है जो पकने पर खूबसूरती से नरम हो जाती है, जिससे यह ठोस आहार शुरू करने वाले बच्चों के लिए एक उत्कृष्ट सूप बेस बन जाता है।
इस उम्र में कैसे परोसें
6-9 महीने: छीलें, बीज निकालें और टुकड़ों में काट लें। पोर्क की हड्डियों या मछली के साथ सूप में बहुत नरम होने तक उबालें, फिर कुछ शोरबा के साथ पपीते को प्यूरी करें। 9-12 महीने: सूप में नरम होने तक पकाएं और मैश करें या छोटे, नरम टुकड़ों में काट लें। 12+ महीने: सूप से नरम पके हुए टुकड़ों को फिंगर फूड के रूप में परोसें। इसे बहुत नरम होने तक पकाए गए स्टिर-फ्राई में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
पोषण
इसमें विटामिन C, फोलेट और पोटेशियम होता है। पापेन नामक एंजाइम से भरपूर, जो प्रोटीन पाचन में सहायता करता है। यह आहार फाइबर और विटामिन A भी प्रदान करता है। एंजाइम सामग्री बच्चों को भोजन में अन्य खाद्य पदार्थों को अधिक आसानी से पचाने में मदद कर सकती है।
संपादक की टिप्पणी
हरा पपीता मछली का सूप एक क्लासिक कैंटोनीज़ ठोस आहार है। हरे पपीते को एक हल्की सफेद मछली और अदरक के कुछ टुकड़ों के साथ पौष्टिक, आसानी से पचने वाले भोजन के लिए उबालें।
जानने योग्य
हरा पपीता एक सामान्य एलर्जेन नहीं है। ध्यान दें कि यह स्वाद और बनावट में पके पपीते से अलग होता है। बच्चों को परोसने से पहले हमेशा हरे पपीते को पकाएं; इसे छोटे बच्चों को कभी भी कच्चा नहीं परोसना चाहिए। बीज पूरी तरह से हटा दिए जाने चाहिए।