खाद्य गाइड
Raw Milk
कच्चा (अपास्चुरीकृत) दूध शिशु या छोटे बच्चे को कभी नहीं देना चाहिए। पास्चुरीकरण से लिस्टेरिया, ई. कोलाई, साल्मोनेला और कैम्पिलोबैक्टर जैसे बैक्टीरिया मर जाते हैं - ये संक्रमण 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए वयस्कों की तुलना में कहीं अधिक खतरनाक होते हैं। कच्चे दूध से बने दही, आइसक्रीम और पनीर पर भी यही बात लागू होती है।
इस उम्र में कैसे परोसें
0-5 साल: किसी भी रूप में अनुशंसित नहीं है। इसके बजाय पास्चुरीकृत संपूर्ण दूध का उपयोग करें - लगभग 6 महीने से खाना पकाने में, और 12 महीने से पेय के रूप में। यह भी जांच लें कि दही, आइसक्रीम और पनीर भी पास्चुरीकृत हों।
पोषण
कच्चे दूध में पास्चुरीकृत दूध की तुलना में कोई पोषण संबंधी लाभ नहीं होता है। पास्चुरीकरण से कैल्शियम, प्रोटीन या वसा में कोई खास बदलाव नहीं आता है।
संपादक की टिप्पणी
यदि लेबल पर पास्चुरीकृत नहीं लिखा है, तो मान लें कि वह नहीं है - यह विशेष रूप से फ़ार्म की दुकानों, किसान बाज़ारों और यात्रा करते समय जांचने लायक है।
जानने योग्य
5 साल से कम उम्र के बच्चे को कभी भी कच्चा दूध या उससे बनी कोई चीज़ न दें। गाय का दूध भी एक सामान्य एलर्जन है, और मुख्य पेय के रूप में इसे पास्चुरीकरण की परवाह किए बिना 12 महीने तक इंतजार करना चाहिए। 2 साल की उम्र तक हमेशा संपूर्ण दूध का उपयोग करें।